रिश्ता किस्तों पर

आज के जमाने में इंसानो के अंदर बढ़ रहे स्वार्थ का समंदर जितनी तेजी से आपसी प्यार के बंधन को तोड़ता जा रहा है इससे यह प्रतीत हो रहा है कि वह दिन दूर नहीं जब इंसान अकेला होकर रह जायेगा । जब आपस में बटवारा होता है तो केवल घर का सामान ही नहीं बटता बल्कि रिश्ते भी बट जाते है !

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